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Showing posts from June, 2014

एहसास

चलते-उठते-गिरते फिर संभल तो गया हूँ । अपने-पराये वक़्त के साथ समझ तो गया हूँ ।।

पिलानी रोड

हे वसुंधरा सरकार !          सादर नमस्कार ! मैं टूटी-फूटी दुखियारी पिलानी रोड हूँ । ये तो मैंने माना कि मैं राजगढ़ जैसी घटिया राजनैतिक विरासत वाली जगह से निकलती हूँ परन्तु जाती...

भाषण

गरीबों की हालत पर दमदार दो भाषण, 'एहसास' यकीनन अमीरों में तुम्हारा नाम आएगा !!

हश्र

मेरे मुस्तकबिल का निगेह्बां ख़ुदा ' ए   ह   सा    स ' फिक्रमंद  कितने  इंसां नजर आये ।।