पिलानी रोड
हे वसुंधरा सरकार !
सादर नमस्कार ! मैं टूटी-फूटी दुखियारी पिलानी रोड हूँ । ये तो मैंने माना कि मैं राजगढ़ जैसी घटिया राजनैतिक विरासत वाली जगह से निकलती हूँ परन्तु जाती तो पिलानी जैसी ख़ास जगह हूँ न ।
राजगढ़ तहसील के करीबन 50 गाँव, दर्जन भर पंचायतें सीधे मुझे इस्तेमाल करती हैं, मेरा कसूर क्या है ? मुझे ये तो बताओ, गहलोत जी और आप से मेरी क्या दुश्मनी है जो आप ध्यान नहीं देते ।
ओह ! अच्छा आप नेताओं की सिफारिश का इन्तजार कर रही हैं, हा हा हा !!! अरे उन निकम्मों में ही दम होता तो मैं ये चिट्ठी इस मुए फेसबुक पर इस छुटभैये विमल के हाथ थोड़े ही लिखवाती । ताल ठोककर, दनदनाती हुई न बन जाती पर क्या करूँ इन सब का काम तो बड़ी-बड़ी बातों, जातिवाद और कूटनीति से चल जाता है, मैं इनसे हार गई हूँ !
मेरा कल्याण करो !!!
- सदियों की अति व्यस्त दुखियारी पिलानी रोड
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