वसुंधरा जी !

वसुंधरा जी,
              धोक द्यूं ! मैं सुण्यो है क थारी धोक खाण स्यूं टिकट मिलै, बडा-बडा मंत्री पद मिलै और तो और चुटकी बजताणी कोई अटकेड़ो काम भी झट-पट बण ज्यावै । थारी महिमा कुण बखान कर सकै है ई धोरां रि धरती पर, अति सुण-सुण म्हारै एक बात दिमाग मै आई क राजगढ़ म तो नेता सगळां मर लिया म्हारै कानी तो !
                म्हारा तीन काम कर द्यो, एक तो पिलानी रोड फाटक की बड़ी कोजी समस्या है - एक पुलियो बणा द्यो । दूजी आ बहल रोड चेपा लाग लाग के चेपां को जर्मन मोडल बण रह्यो है ई कानी आँख खोल ल्यो और तीसरी पिलानी रोड नई ना बणा सको कोई बात नी ठीक-ठाक पड़ी है बस दोनूं कानी बिलान्द-बिलान्द कांकरा गिरवा द्यो । गहलोत जी तो एक्सीडेंट हुयो जड़ यो काम करवायो थानै भगवान् लम्बी उम्र लगावै एक्सीडेंट क्यूं होवे ? मैने बेरो है थे ओ संदेसो पढता ही काम चालु करवा देस्यो ।
              बिया म्हे कोई ओलम़ो कोणी देर्या, मूफली खाता-खातां ध्यान आयो आज थारी महिमा को एक साल पूरो होयो है तो थे चोखे मूड मै होगा बस आई सोच र कह रया हां ।
             अच्छा जी पांय लागूं ! धोक दयूं !!!

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