धर्म

वो मुस्लिम बना गए,
ये हिन्दू बनाएँगे ।

ये आँखें खोजती उनको,
जो हमें इंसान बनाएँगे ।।

जीना जो खुद ना सीख सके,
क्या जीने का अंदाज बताएँगे ?

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