राखी

रक्षा बंधन, बंधन नहीं ये केवल धागों का,
ये बंधन है कर्तव्यों के प्रति वादों का, ईरादों का ।

रक्षा मानव-मानव में मिटते नेह की,
ये डोरी है विश्वास की, स्नेह की ।।

- सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ

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