रक्षा बंधन, बंधन नहीं ये केवल धागों का,
ये बंधन है कर्तव्यों के प्रति वादों का, ईरादों का ।
रक्षा मानव-मानव में मिटते नेह की,
ये डोरी है विश्वास की, स्नेह की ।।
- सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ
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बाज़ सदृश भ्रष्टाचार, बैठा जो पंख पसार ! अब न बचेगा, जागा है सूचना का अधिकार !! सोने की चिड़िया बहुत नोंच खाई तूने, गौर से सुन अब ये ललकार ! अर्जुन का गांडिव है ये, कृष्ण का है सुदर्शन खाली न जाएगा इसका वार !! निकम्मों, भ्रष्टाचरियों में मची है हाहाकार ऐसा है धारदार ये सूचना का अधिकार !! भीष्म शपथ है भारतपुत्रों की, चहूँ ओर खुशहाली लाएंगे ! चहक उठेगी फिर सोने की चिड़िया, वो दिन फिर शीघ्र ही आएंगे !! कुछ सितम और सही करले जालिम कुछ और अत्याचार ! जन-जन तक पहुँच जाए बस सूचना का अधिकार ! करो लेटलतीफी का प्रतिकार, उठाओ आवाज सूचना का अधिकार !!!
अधिवक्ता / एडवोकेट / वकील ये सब एक ही है। अधिवक्ता वैदिक शब्द है। शुक्लयजुर्वेद में भगवान् शिवको प्रथम अधिवक्ता कहा गया गया है- "अद्ध्यवोचदधिवक्ताप्प्रथमोदैव्योभिषक्"। एडवोकेट शब्द लैटिन में १४वी शताब्दी में प्रचलन में आया, वकील मुग़ल काल में। भारत में एडवोकेट्स एक्ट १९६१ पारित होने के बाद क़ानून का व्यवसाय करने लिए बार काउन्सिल में पंजीकृत सभी व्यक्तियों को एडवोकेट कहा जाने लगा जिसका हिन्दी अनुवाद अधिवक्ता है। और संसार में केवल अधिवक्ता ही हैं जिन्हें विद्वान की उपाधि दी गई है।
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