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Showing posts from April, 2015
भाषण (नेता का) : चुनाव पूर्व तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कार्य के होने न होने की संभावनाओं को दरकिनार करते हुए एकदम विश्वास के साथ, चतुराई से, केवल कर देने की घोषणा रुपी झूठ को ...

दुनिया

परवाह तुझे तेरी ही न रही, 'ए ह सा स' तभी तो ! ये दुनिया भी ते री न रही !