फलसफा Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps September 20, 2014 बहुत छोटा हूँ मैं, छोटा ही रहने दो ! जमाने की ऊँचाइयों को नाप न पाऊंगा । चढ़ते होंगे शिखरों पर, लाशों पर चलकर, ये सफ़र मैं तैय न कर पाऊंगा । इंसानी हद वफ़ा-ओ-नफरत क्या है, वफ़ा पूरी कर लूं तो हद है ! नफरतों की खातिर जिंदगी मैं न गवाऊंगा ।। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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