छीनने की आदत नहीं,
माँगना सीखा नहीं
और हक़ कभी छोड़ता नहीं ।।
हारा हूँ कई बार इस दिल के हाथों मगर,
ये दिल है कि
इंसानियत कभी छोड़ता नहीं ।।
माँगना सीखा नहीं
और हक़ कभी छोड़ता नहीं ।।
हारा हूँ कई बार इस दिल के हाथों मगर,
ये दिल है कि
इंसानियत कभी छोड़ता नहीं ।।
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