वसुंधरा जी, धोक द्यूं ! मैं सुण्यो है क थारी धोक खाण स्यूं टिकट मिलै, बडा-बडा मंत्री पद मिलै और तो और चुटकी बजताणी कोई अटकेड़ो काम भी झट-पट बण ज्यावै । थारी महिमा कुण...
जिंदगी कैसे-कैसे रंग तेरे, दंग हैं आकर पहलू में तेरे एक पल कोई नहीं अपना, एक पल सब हैं मेरे जिंदगी कैसे-कैसे रंग तेरे, दंग हैं आकर पहलू में तेरे कोई मोल नहीं जज्बातों का, दुनिया के बाज़ार में, तार-तार हुए उसूल, जब संघर्षों से हम घिरे जिंदगी कैसे-कैसे रंग तेरे, दंग हैं आकर पहलू में तेरे - विमल 'एहसास'
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