यकीं Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 16, 2014 मैंने अल्लाह-राम नहीं देखे, दगा देते इंसान देखे हैं ! सुना हैं ये उन्हीं के बन्दे हैं !! प्यार, वफ़ा, इश्क, मोहब्बत इनके फंदे हैं ।। ग़म और ख़ुशी जो मिले, कबूल है । सच के आसमां में उड़ने वाले हम आजाद परिंदे हैं ।। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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