सियासत

तूफानों का खौफ किसे,
हम क़यामत का हुनर रखते हैं ।।

दिल में मोहब्बत वतन की,
मर-मिट जाने का जिगर रखते हैं ।।

मंदिर-मस्जिदों की दरकार नहीं,
हम जहन में इंसानी मजहब रखते हैं ।।

नफरत पर सियासत की सीढियां चढ़ने वालों,
उखाड़ फेंकने का भी हम दम रखते हैं ।।

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