बहुत छोटा हूँ मैं, छोटा ही रहने दो ! जमाने की ऊँचाइयों को नाप न पाऊंगा । चढ़ते होंगे शिखरों पर, लाशों पर चलकर, ये सफ़र मैं तैय न कर पाऊंगा । इंसानी हद वफ़ा-ओ-नफरत क्या है, वफ़ा पूरी कर ल...
रक्षा बंधन, बंधन नहीं ये केवल धागों का, ये बंधन है कर्तव्यों के प्रति वादों का, ईरादों का । रक्षा मानव-मानव में मिटते नेह की, ये डोरी है विश्वास की, स्नेह की ।। - सभी को बहुत-बहुत श...