वसुंधरा जी, धोक द्यूं ! मैं सुण्यो है क थारी धोक खाण स्यूं टिकट मिलै, बडा-बडा मंत्री पद मिलै और तो और चुटकी बजताणी कोई अटकेड़ो काम भी झट-पट बण ज्यावै । थारी महिमा कुण...
सत्य अर्थात क्या ? क्या परिभाषा दी जाए इसकी, मेरी समझ से जो जैसा है, उसे वैसा ही स्वीकार करना । यही सत्य है वैसे अटल जी के शब्दों में - जो है उसका होना सत्य है, जो नहीं है, उसका न होन...