वसुंधरा जी, धोक द्यूं ! मैं सुण्यो है क थारी धोक खाण स्यूं टिकट मिलै, बडा-बडा मंत्री पद मिलै और तो और चुटकी बजताणी कोई अटकेड़ो काम भी झट-पट बण ज्यावै । थारी महिमा कुण...
सत्य अर्थात क्या ? क्या परिभाषा दी जाए इसकी, मेरी समझ से जो जैसा है, उसे वैसा ही स्वीकार करना । यही सत्य है वैसे अटल जी के शब्दों में - जो है उसका होना सत्य है, जो नहीं है, उसका न होन...
कविता जो दिल को छू गई " सुरेन्द्र जी शर्मा " एक कमरा था जिसमें मैं रहता था माँ-बाप के संग घर बड़ा था इसलिए इस कमी को पूरा करने के लिए मेहमान बुला लेते थे हम! फिर विकास का फैलाव आया व...
जिंदगी तकल्लुफ के सिवा कुछ नहीं, कुछ हो तो बताना ! मेरा पता - थकेला आदमी परेशां गली, तंग मोहल्ला शहर अनजाना जिला - फक्कड़ चापलूस राज्य, डींगे हांकता देश ।
स्वच्छता अभियान ????? my foot. अक्ल के अंधों क्यों बेकार नाटकबाजी करते हो ! गन्दगी की प्रमुख वजहें - 1. गुटखा 2. प्लास्टिक पोलिथिन 3. डिस्पोजल चाय ग्लास, प्लेट आदि । 4. बीडी, सिगरेट । 5. प्लास्टि...
सुराज सरकार, राजगढ़ बिजली बोर्ड नए विद्युत पॉल लगवा रहा है, यकीनन ये काम ठेकेदारी प्रथा से ही हो रहा होगा। ठेकेदार और अधिकारी एक बड़ी मूर्खता कर रहे हैं - इन खम्भों पर कोई प्राइ...
बहुत छोटा हूँ मैं, छोटा ही रहने दो ! जमाने की ऊँचाइयों को नाप न पाऊंगा । चढ़ते होंगे शिखरों पर, लाशों पर चलकर, ये सफ़र मैं तैय न कर पाऊंगा । इंसानी हद वफ़ा-ओ-नफरत क्या है, वफ़ा पूरी कर ल...
रक्षा बंधन, बंधन नहीं ये केवल धागों का, ये बंधन है कर्तव्यों के प्रति वादों का, ईरादों का । रक्षा मानव-मानव में मिटते नेह की, ये डोरी है विश्वास की, स्नेह की ।। - सभी को बहुत-बहुत श...
राजनैतिक दलों का एकमात्र ध्येय चुनाव में जीत ही होता है इसके अतिरिक्त उनकी कोई विचारधारा नहीं है, आम आदमी की समस्याओं से उन्हें कोई सरोकार नहीं है । कबूतर को कौवा बताओ चमचा...
आदरणीय मोदी जी, नमस्कार ! मैंने सुना आप सोशल मीडिया विंग को और मजबूत कर प्रत्येक नागरिक के विचारों के करीब जाने का प्रयास करने वाले हैं । ये सब जानकार ...
माननीय मुख्य चुनाव आयुक्त, प्रणाम ! आपके आयोग के बारे में तब से जानने लगा हूँ जबसे शेषन साहब ने इसे संभाला था। चुनाव सुधार का आज का परिदृश्य उनके ही कठोर निर्णयों का सुपरिणाम है । आज फिर एक कठोर परन्तु निर्णायक सुधार की गहन जरूरत आन पड़ी है, आप भली प्रकार जानते हैं कि लोकतंत्र की प्रथम सीढ़ी ग्राम पंचायत है । इसके चयन की सफल और कम खर्चीली प्रक्रिया से बहुत हद तक भ्रष्टाचार कम किया जा सकेगा । उच्च पदों पर आसीन राजनेता, अफसर पंचायतों को बहुत हलके में लेकर चलते हैं जबकि जो योजनाएं ऊपर से लागू की जाती हैं या यूं कहें थोपी जाती हैं उन्हें प्रत्यक्ष रूप से उस अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का काम ग्राम पंचायतें ही करती हैं। चुनाव सुधार हेतु मेरा आग्रह :- 1. ग्राम पंचायतों के चुनाव में ठीक उसी प्रकार मोनिटरिंग हो जैसी कि विधायक या सांसद चुनाव में होती है, चुनाव के दौरान आबकारी विभाग को और मुस्तैद किया जाए और हो सके तो एक...
कहने को मैं इंसानी बस्ती में रहता हूँ मगर हवा दुषित, पानी गंधला, जेबें फूंकती आग, सिकुड़ती जमीं और घुटता आसमां ! फिर जीने को क्या है ? फरेब, धोखे, लालच, अहम्, स्वार्थ, ईर्ष्या और हव...
दोस्तों, मेरे एक संघ मित्र का आग्रह था कि राजगढ़ राजकीय महाविद्यालय के लिए पुरजोर कोशिश करनी चाहिए। विचार किया तो ध्यान में आया - जिस क्षेत्र में बहुतायत किसान असिंचि...
हे वसुंधरा सरकार ! सादर नमस्कार ! मैं टूटी-फूटी दुखियारी पिलानी रोड हूँ । ये तो मैंने माना कि मैं राजगढ़ जैसी घटिया राजनैतिक विरासत वाली जगह से निकलती हूँ परन्तु जाती...
दोस्तों, हमारी ग्राम पंचायत बेवड के तहत 4 गाँव आते हैं - बेवड, भोजान, बास भारीण्ड, बांगड़वा जिसमें 4 वर्ष पूर्व तक किसी भी गाँव में खेल मैदान नहीं, शमशान भूमि नहीं , छोटे-बड़े 9 स्कूल म...
दोस्तों, लोकसभा चुनाव के नतीजों ने यह तो स्पष्ट कर दिया है कि पूरा देश एक दिशा में चल पड़ा है और इसका पूरा श्रेय निश्चित ही मोदी जी को जाता है । आज की परिस्थितियों में अग...
आदरणीय मोदी जी ! मेरा संबोधन श्रद्धेय मोदी जी होने वाला था, परन्तु राजनीति ने एक बार पुनः अपना असर दिखाया और आप संघ के अनुशाषित स्वयंसेवक होते हुए भी वो कह गए जो (मु...
जब से राजनैतिक समझ पैदा हुई है मुझे यह साफ़ तौर पर नजर आने लगा है कि जिस प्रकार का राजनैतिक परिवेश हमारे देश का है उसमें कहने को तो आप एक स्वतंत्र देश के नागरिक हो और आपको भी चुन...